Breaking News

NPS वालों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब फिर मिल सकती है पुरानी पेंशन, जानिए किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा


 

सरकारी नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। लंबे समय से पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme-OPS) की मांग कर रहे कर्मचारियों के बीच अब एक नई उम्मीद जगी है। वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) ने अपने कुछ पात्र कर्मचारियों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (National Pension System-NPS) से बाहर निकलकर पुरानी पेंशन योजना (OPS) चुनने का विकल्प देने की घोषणा की है।

यह फैसला विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए अहम माना जा रहा है, जिन्हें अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) के माध्यम से सरकारी सेवा में नियुक्त किया गया था। नए निर्देशों के तहत पात्र कर्मचारी अब निर्धारित शर्तों को पूरा करने पर OPS का विकल्प चुन सकेंगे।

हालांकि यह सुविधा सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए नहीं है, बल्कि केवल निर्धारित पात्रता वाले कर्मचारियों पर लागू होगी।

क्या है पूरा मामला?

वर्ष 2004 से केंद्र सरकार के अधिकांश नए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना की जगह राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) लागू की गई थी। इसके बाद नियुक्त अधिकांश कर्मचारियों को NPS के तहत शामिल किया गया।

लेकिन समय-समय पर कई कर्मचारी संगठनों ने यह मांग उठाई कि जिनकी भर्ती प्रक्रिया 1 जनवरी 2004 से पहले शुरू हो चुकी थी या जिनके मामले विशेष परिस्थितियों से जुड़े थे, उन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलना चाहिए।

इसी क्रम में अब CSIR ने अपने पात्र कर्मचारियों के लिए नया आदेश जारी किया है।

किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?

CSIR द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार इस सुविधा का लाभ केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा—

  • जिन्होंने 1 जनवरी 2004 से पहले अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था।

  • भले ही उनकी वास्तविक नियुक्ति या जॉइनिंग 1 जनवरी 2004 के बाद हुई हो।

ऐसे कर्मचारी अभी तक NPS के दायरे में आते थे, लेकिन अब उन्हें OPS और NPS के बीच अपनी पसंद का विकल्प चुनने की अनुमति दी जाएगी।

इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी NPS कर्मचारी स्वतः OPS में चले जाएंगे, बल्कि पात्र कर्मचारियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विकल्प देना होगा।

अनुकंपा नियुक्ति क्या होती है?

अनुकंपा नियुक्ति वह व्यवस्था है जिसके तहत यदि किसी सरकारी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाए या वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाए, तो उसके आश्रित परिवार के किसी पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाती है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता और आजीविका का साधन उपलब्ध कराना होता है।

अब ऐसे कुछ कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का विकल्प मिलने से उनके भविष्य को लेकर अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा मिलने की संभावना बढ़ गई है।

CSIR ने कब जारी किया आदेश?

केंद्र सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय द्वारा 22 जून 2026 को जारी निर्देशों के बाद CSIR ने 7 जुलाई 2026 को इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना (General Resolution/Notification) जारी की।

इस अधिसूचना के बाद पात्र कर्मचारियों के लिए OPS चुनने का रास्ता साफ हो गया है।

2023 के आदेश से क्या था अंतर?

मार्च 2023 में केंद्र सरकार ने उन कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना चुनने का अवसर दिया था—

  • जिनकी भर्ती प्रक्रिया 1 जनवरी 2004 से पहले शुरू हो चुकी थी।

लेकिन उस समय अनुकंपा नियुक्ति के कई मामलों को इस व्यवस्था में स्पष्ट रूप से शामिल नहीं किया गया था।

अब नए निर्देशों के माध्यम से इस कमी को दूर किया गया है।

इसी वजह से इसे कई कर्मचारी संगठनों द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

OPS और NPS में क्या अंतर है?

पुरानी पेंशन योजना (OPS) और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के बीच कई महत्वपूर्ण अंतर हैं।

पुरानी पेंशन योजना (OPS)

  • सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित मासिक पेंशन।

  • अंतिम वेतन के आधार पर पेंशन की गणना।

  • महंगाई राहत (Dearness Relief) का लाभ।

  • निवेश बाजार के उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं।

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS)

  • अंशदायी (Contributory) पेंशन व्यवस्था।

  • कर्मचारी और सरकार दोनों का योगदान।

  • पेंशन का एक हिस्सा निवेश बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर।

  • अंतिम लाभ निवेश से मिलने वाले रिटर्न के अनुसार बदल सकता है।

इसी कारण कई कर्मचारी संगठनों द्वारा OPS की बहाली की मांग लंबे समय से की जाती रही है।

कर्मचारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है फैसला?

विशेषज्ञों का मानना है कि पात्र कर्मचारियों के लिए यह फैसला कई कारणों से महत्वपूर्ण है।

इससे—

  • भविष्य की वित्तीय सुरक्षा मजबूत हो सकती है।

  • सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित आय का भरोसा मिलेगा।

  • अनुकंपा नियुक्ति वाले परिवारों को अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा मिलेगी।

  • लंबे समय से लंबित मांग के एक हिस्से का समाधान होगा।

हालांकि इसका लाभ केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जो अधिसूचना में निर्धारित पात्रता की शर्तें पूरी करते हैं।

क्या सभी सरकारी कर्मचारियों पर लागू होगा?

नहीं।

यह निर्णय सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना की सामान्य बहाली नहीं है।

यह केवल CSIR के उन पात्र कर्मचारियों पर लागू होगा जो निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं।

अन्य विभागों के कर्मचारियों के लिए संबंधित मंत्रालयों या विभागों द्वारा अलग-अलग निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

सरकार का क्या उद्देश्य माना जा रहा है?

विश्लेषकों का मानना है कि सरकार ने उन कर्मचारियों के मामलों को ध्यान में रखा है जिनकी नियुक्ति प्रक्रिया पुराने नियमों के तहत शुरू हुई थी लेकिन प्रशासनिक कारणों से उनकी जॉइनिंग बाद में हुई।

ऐसे मामलों में समानता और न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया माना जा रहा है।

हालांकि सरकार की ओर से इसे एक विशेष प्रशासनिक निर्णय के रूप में प्रस्तुत किया गया है, न कि OPS की सार्वभौमिक वापसी के रूप में।

आगे क्या करना होगा कर्मचारियों को?

पात्र कर्मचारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर संबंधित विभाग को अपना विकल्प देना होगा।

इसके बाद विभाग उनके आवेदन की पात्रता की जांच करेगा और निर्धारित नियमों के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश संबंधित कार्यालयों द्वारा अलग से जारी किए जा सकते हैं।

क्या इससे OPS की व्यापक वापसी का रास्ता खुलेगा?

फिलहाल ऐसा कहना जल्दबाजी होगी।

यह निर्णय विशेष श्रेणी के कर्मचारियों से संबंधित है और इसे सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए OPS बहाली का सामान्य आदेश नहीं माना जा सकता।

भविष्य में अन्य विभागों या सरकार द्वारा कोई नया निर्णय लिया जाता है तो उसकी जानकारी अलग से जारी की जाएगी।

CSIR द्वारा पात्र अनुकंपा नियुक्ति वाले कर्मचारियों को NPS के स्थान पर OPS चुनने का विकल्प देना एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय माना जा रहा है। इससे उन कर्मचारियों को राहत मिलेगी जिनकी नियुक्ति प्रक्रिया 1 जनवरी 2004 से पहले शुरू हुई थी लेकिन वे NPS के दायरे में आ गए थे। हालांकि यह सुविधा सीमित श्रेणी के कर्मचारियों के लिए है और इसे सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना की वापसी नहीं माना जाना चाहिए। पात्र कर्मचारियों के लिए यह निर्णय भविष्य की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

कोई टिप्पणी नहीं